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रजिस्टर
हर पहल, तिथि और स्रोत के साथ।
यह रजिस्टर महेश सवाणी की प्रलेखित पहलों को एक ही स्थान पर प्रस्तुत करता है। क्षेत्र के अनुसार छाँटें, संक्षिप्त विवरण पढ़ें और पूरी कहानी के लिए लिंक देखें।
पहलों का रजिस्टर
- 2008सामाजिक
पहला कन्यादान
विवाह से कुछ ही समय पहले पिता को खो देने वाली दो बहनों का विवाह। यहीं से पिताविहीन बेटियों की विवाह पहल की शुरुआत हुई।
- 2010–12सामाजिक
वार्षिक सामूहिक विवाह की शुरुआत
अलग-अलग विवाहों का स्थान सूरत के पी.पी. सवाणी चैतन्य विद्या संकुल में हर दिसंबर होने वाले वार्षिक समारोह ने ले लिया।
- 2016शिक्षा
उरी के शहीदों के बच्चों के लिए शिक्षा का संकल्प
उनके वर्तमान स्कूलों की फ़ीस, या सूरत में निःशुल्क शिक्षा और छात्रावास; साथ ही उच्च शिक्षा और बेटियों के विवाह की ज़िम्मेदारी।
- 2016सामाजिक
236 दुल्हनें, सभी धर्मों से
मुस्लिम और ईसाई दुल्हनें भी समारोह में शामिल हुईं; उनके पुत्र मितुल का विवाह भी बेटियों के साथ ही हुआ।
- 2017शिक्षा
पी.पी. सवाणी यूनिवर्सिटी की स्थापना
गुजरात प्राइवेट यूनिवर्सिटीज़ (संशोधन) अधिनियम, 2017 के तहत धामडोद, कोसंबा में स्थापित एक राज्य निजी विश्वविद्यालय।
- 2017सामाजिक
दुल्हनों के बच्चों के लिए सहायता
रिपोर्टों के अनुसार प्रसूति का ख़र्च और बेटियों के बच्चों की स्कूली शिक्षा का व्यय वहन किया जाता है।
- 2018शिक्षा
3,300 पिताविहीन विद्यार्थियों को प्रायोजन
द वीकेंड लीडर की रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 260 स्कूलों में कक्षा 12 तक की शिक्षा।
- 2018सामाजिक
“लाडकडी”: जोड़ों के लिए बीमा और बैंक खाता
261 जोड़े; हर जोड़े के लिए ₹2 लाख का बीमा कवर और एक बैंक खाता।
- 2021सार्वजनिक जीवन
आम आदमी पार्टी में शामिल
27 जून 2021 को सूरत में मनीष सिसोदिया ने उन्हें पार्टी में शामिल किया।
- 2021सामाजिक
“चुंदड़ी महियर नी”: अग्रिम पंक्ति के कर्मियों का सम्मान
चार धर्मों की 300 बेटियाँ; कन्यादान उन पेशेवरों ने किया जिन्होंने कोविड-19 के दौरान सेवा दी।
- 2022सार्वजनिक जीवन
सक्रिय राजनीति से विदा
व्यवसाय, परिवार और समाजसेवा में लौटने के लिए 17 जनवरी 2022 को पार्टी से इस्तीफ़ा।
- 2022समुदाय
अंगदान का रिकॉर्ड
“दीकरी जगत जननी” में 1,38,283 संकल्प, जिन्हें इंडिया बुक ऑफ़ रिकॉर्ड्स ने दर्ज किया।
- 2022शिक्षा
विद्यार्थी दत्तक योजना
1,000 अनाथ, दिव्यांग या आर्थिक रूप से कमज़ोर विद्यार्थियों के लिए विद्यार्थी दत्तक योजना, प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग सहित।
- 2022समुदाय
विधवा महिलाओं को सहायता
रिपोर्टों के अनुसार मासिक सहायता बढ़ाकर ₹7,500 की गई।
- 2023सामाजिक
75 बेटियाँ; कुल संख्या 5,000 के पार
25 दिसंबर को 25,000 से अधिक अतिथियों की उपस्थिति में समारोह; एक बार फिर अंगदान के संकल्प लिए गए।
- 2024सामाजिक
“पियरियु”: 39 समुदाय
दिव्यांग दुल्हनों सहित 111 बेटियाँ; माताओं के लिए तीर्थयात्रा; तुलसी के 50,000 पौधे (ग्रुप के आँकड़े)।
- 2025शिक्षा
पहलगाम के अनाथ बच्चों के लिए शिक्षा का संकल्प
पी.पी. सवाणी स्कूल और यूनिवर्सिटी के माध्यम से स्नातक तक की पूरी शिक्षा, NEET/JEE कोचिंग सहित।
- 2025समुदाय
चार धाम यात्रा और उमराहह
केपी ग्रुप के साथ: लगभग 300 माताओं के लिए तीर्थयात्रा, और मुस्लिम बेटियों व उनके पतियों के लिए उमराहह।
सार्वजनिक जीवन
राजनीति का एक संक्षिप्त, प्रलेखित अध्याय।
महेश सवाणी का चुनावी राजनीति में समय लगभग सात महीने रहा। इसे यहाँ समाचार माध्यमों की रिपोर्टों के आधार पर, बिना किसी टिप्पणी के, तथ्यात्मक रूप में प्रस्तुत किया गया है।
2021 से पहले
महेश सवाणी को लंबे समय तक भारतीय जनता पार्टी के क़रीबी के रूप में देखा जाता था। देशगुजरात और अन्य माध्यमों के अनुसार, 2019 में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह से भेंट की थी और सूरत से भाजपा का लोकसभा टिकट माँगा था, जो उन्हें नहीं मिला।
आम आदमी पार्टी में प्रवेश, जून 2021
27 जून 2021 को सूरत में वे आम आदमी पार्टी में शामिल हुए; उन्हें दिल्ली के तत्कालीन उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने पार्टी में शामिल कराया। उन्होंने कहा कि वे क्रांतिकारी विचारों के साथ जुड़ रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें कोविड केयर सेंटर खोलने की अनुमति नहीं दी गई थी।
दिसंबर 2021 का उपवास
दिसंबर 2021 में, 12 दिसंबर को हुई राज्य की हेड-क्लर्क भर्ती परीक्षा में पेपर लीक के आरोपों के बाद, वे गांधीनगर स्थित पार्टी कार्यालय में अनिश्चितकालीन उपवास में शामिल हुए। बाद में उन्हें अहमदाबाद के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया।
राजनीति से दूरी, जनवरी 2022
17 जनवरी 2022 को उन्होंने पार्टी छोड़ने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि राजनीतिक व्यस्तताओं के कारण वे अपने व्यवसाय, समाजसेवा, परिवार और स्वास्थ्य पर ध्यान नहीं दे पा रहे थे। उनके अनुसार, उनकी गोद ली हुई बेटियों ने भी उनसे कहा था कि वे राजनीति के व्यक्ति नहीं हैं। उन्होंने द वीक से कहा, “मुझे कोई पद पाने या मंत्री बनने की कोई महत्वाकांक्षा नहीं है।”





2022 के बाद से महेश सवाणी कई दलों के नेताओं के साथ सार्वजनिक कार्यक्रमों में शामिल हुए हैं, और गुजरात के मुख्यमंत्री तथा केंद्रीय मंत्री उनके विवाह समारोहों में उपस्थित रहे हैं। जनवरी 2022 के बाद उनके किसी अन्य राजनीतिक दल में औपचारिक रूप से शामिल होने की कोई विश्वसनीय समाचार रिपोर्ट हमें नहीं मिली, इसलिए यह साइट ऐसा कोई दावा नहीं करती।
स्रोत
- देशगुजरात (27 जून 2021; जनवरी 2022); ज़ी न्यूज़; अहमदाबाद मिरर।
- द प्रिंट; आउटलुक; देवडिस्कोर्स (दिसंबर 2021)।
- द वीक, “Diamond businessman Mahesh Savani quits Aam Aadmi Party” (18 जनवरी 2022); आज तक।
- सभी पहलों के विवरण: सामाजिक पहल, शिक्षा और बच्चे और सामुदायिक प्रभाव पृष्ठों पर दिए गए स्रोत देखें।